Post – 2015-09-09

मैं सोचता हूँ कि फेसबुक को अपनी पद्य रचनाओं का अभिलेखागार बना दूँ. कोई न पढ़े तो भी वायरस से तो बची रहेंगी सो :2015-09-09

मैं सोया नहीं था
न जाग रहा था
बस जी रहा था
जैसे जीते आये हैं शताब्दियों से हम
महामानव बनने की उम्मीद में
एक परिभाषा के पीछे भाग रहा था
समायोजित करता अपने को
सभी की उम्मीदों के अनुसार
अपनी उम्मीद से बाहर निकल कर
ऐंठता कुनमुनाता
करवटें बदलता लगभग पूरे होश में
बदहवासी की सतह से ठीक ऊपर.
‘हम किसी से कम नहीं ‘
अभुआता हुआ.
9.9.2015

दिया क्या ज़िंदगी ने छीन ले जिसको क़ज़ा मुझसे
फ़क़त एक नाम वह भी देखिये भगवान का ठहरा.
9.9.2015

हम सुख़नफ़ह्म थे पर अब तो नहीं हैं साहब
आप ही सोचिये क्यों इस मुक़ाम तक पहुंचे
तनी गर्दन थी धड़कनें मिलीजुली सी थीं
आप की चाह थी गर्दन सलाम तक पहुंचे
यूं ही नज़दीकियां दूरी में बदलती तो नहीं
आप नाज़िम थे इसी इंतज़ाम तक पहुंचे
हम भी भगवान से पूछेंगे की क्या सोचता है
वह नामुराद भी अपने क़याम तक पहुंचे.
9.9.2015

Post – 2015-07-08

I implore U all to read Banawari’s article published in Janasatta today, June 8.2015, not just to read but also to share the concern and rise to the demands.

Post – 2015-07-08

I implore U all to read Banawari’s article published in Janasatta today, June 8.2015, not just to read but also to share the concern and rise to the demands.

Post – 2015-07-02

I was asked to recommend a name for Sarasvati/ Vyaas samman. I thought Asagar Wazahat to be worthy of it. A column required his date of birth. I had to contact him to get the actual date. He provided it but sent a message that if I wanted the information to recommend him for some award, I should not. Judge yourself, who is great, those who manage or those who sit with their back towards rewards and artificial recognitions.,
I love Asagar more than I loved him ever. Do you also concord with me?

Post – 2015-07-02

I was asked to recommend a name for Sarasvati/ Vyaas samman. I thought Asagar Wazahat to be worthy of it. A column required his date of birth. I had to contact him to get the actual date. He provided it but sent a message that if I wanted the information to recommend him for some award, I should not. Judge yourself, who is great, those who manage or those who sit with their back towards rewards and artificial recognitions.,
I love Asagar more than I loved him ever. Do you also concord with me?

Post – 2015-06-30

ख़ुदा गवाह है मैंने जो ज़िन्दग़ी जी है
हंसा न रोया न दावत न अदावत की है.
ये ज़िन्दग़ी तो अमानत थी न जाने किसकी
मैंने बस इसको सँभाला है हिफाज़त की है.
हो सका जो उसे करता रहा बिना समझे
किया जिसे नहीं उसकी भी अलामत ली है.
कोई वारिस हो संभाले जो विरासत मेरी
था तो काफिर मग़र मैंने भी इबादत की है.

Post – 2015-06-30

ख़ुदा गवाह है मैंने जो ज़िन्दग़ी जी है
हंसा न रोया न दावत न अदावत की है.
ये ज़िन्दग़ी तो अमानत थी न जाने किसकी
मैंने बस इसको सँभाला है हिफाज़त की है.
हो सका जो उसे करता रहा बिना समझे
किया जिसे नहीं उसकी भी अलामत ली है.
कोई वारिस हो संभाले जो विरासत मेरी
था तो काफिर मग़र मैंने भी इबादत की है.

Post – 2015-06-27

दुखद समाचार की कमलेश शुक्ल हमारे बीच नहीं रहे. कल लोदी रोड श्मशाम में पंचतत्व में लीं हो जायेंगे.
भगवान

Post – 2015-06-27

दुखद समाचार की कमलेश शुक्ल हमारे बीच नहीं रहे. कल लोदी रोड श्मशाम में पंचतत्व में लीं हो जायेंगे.
भगवान

Post – 2015-05-20

इतने अभिभावकों के बीच
इतना अनाथ
इतने हमदर्दों के बीच
इतना विक्षिप्त
इतने चिरागों को परस्पर काटता अँधेरा
संभव है
पर ज़रूरी नहीं
यही मैं हूँ
ज़रूरी नहीं मेरा होना
फिर भी हूँ
जब तक हूँ
एक प्रश्न बना.